पंजाब में अमृतधारी सिखों की बेपनाह नृशंस हत्याएं (1984)

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यह सर्वत्र विदित है की इंदिरा सिखों से नफरत करती थी और इसीलिए उसने अमृतसर स्थित सिखों के प्रमुख धार्मिक आस्था के केंद्र स्वर्ण मन्दिर या जिसे दरबार साहिब भी कहा जाता है, इसे अंग्रेजी में गोल्डेन टेम्पल कहते हैं — पर सिखों के पांचवें गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व पर फौजी आक्रमण करवा कर प्रमाणित भी कर दिया था! फौज की इस कार्रवाई में दोनों तरफ का बहुत ही भारी नुकसान हुआ था! इसे आपरेशन ब्लू-स्टार का नाम दिया गया था! इसके एक प्रमुख जनरल (जो स्वयं सिख परिवार से थे परन्तु पतित थे और सिख धर्म के अनुगामी न थे) कुलदीप सिंह बरार ने अपनी पुस्तक ‘नीला तारा’ में भारतीय सेना के शहीद सैनिकों की संख्या १५307,  अफसर 43 और ज़ख्मियों की संख्या १7,897 लिखी है जबकि दूसरी और संत जरनैलसिंह भिंडरांवाला  के नेतृत्व और भारतीय सेना के एक रिटायर्ड जनरल शुबेग सिंह की  कमान के तहत लगभग २००-२५० सिख युवक ही थे! भारतीय फौज के कुल शहीद हुए सैनिकों की गिनती तो भारत की चीन और पाकिस्तान से हुए समस्त युद्धों में शहीद हुए सैनिकों की कुल गिनती से भी बहुत ज्यादा थी ! 

जनरल शुबेग सिंह बंगला देश के वार हीरो रहे हैं, उन्होंने मुक्तिवाहिनी और भारतीय सेना को गुरिल्ला लड़ाई की ट्रेनिंग दी थी! परन्तु उनके रिटायर होने से एक दिन पूर्व ही उन पर कुछ आरोप लगा कर उन्हें सेना से बर्खास्त कर दिया गया था, इस अपमान के कारण ही उन्होंने भारत सरकार से बदला लेने की सोच ली थी! इन्हीं सिख जनरल ने सिख युवकों को गुरिल्ला ट्रेनिंग दी जिस से २००-२५० सिख युवकों ने भारतीय सेना का विध्वंस कर डाला! 

 

 इस से बौखला कर भारतीय सेना पागल हो उठी और उसने पंजाब में अमृतधारी सिखों की बेपनाह नृशंस हत्याएं शुरू कर दीं (खिसियानी बिल्ली खम्भा नोचे), जेनेवा संधि के तहत दुश्मन के गिरफ्तार सैनिकों के साथ भी मानवीय सलूक किया जाता है परन्तु भारतीय सेना ने अपने ही देशवासियों पर जो जुल्म किये, उसे सुन कर और पढ़ कर अपने आप पर घृणा उत्पन्न होती है कि क्या हम ऐसे देश के वासी हैं? विश्वास नहीं होगा कि क्या भारतीय सेना ने वास्तव में ऐसे जुल्म भारत के ही नागरिकों पर किये थे ?आँखों देखी घटना की एक रिपोर्ट प्रसिद्ध पत्रकार हरबीर सिंह भंवर ने अपनी पुस्तक ‘डायरी के पन्ने जो इतिहास बन गये’ के पृष्ठ 69…पर लिखते हैं कि श्री अकाल तख्त साहिब जी के पीछे की ओर सैंकड़ो साल पुराना एक डेरा है (आटा मंडी स्थित बाबा शाम सिंह जी का डेरा) जहाँ से रोजाना सवेरे-सवेरे दरबार साहिब जी में अरदास करने से पहले ही कढाह प्रसाद पहुंचाया जाता है और फिर दिनमें लंगर तैयार किया जाता था ! उस समय भी स्वयंसेवक लंगर तैयार कर रहे थे, पहले तो बी एस ऍफ़ के जवानों ने डेरे को लूटा, एक सिख भाई दौलत सिंह ने अपनी ज़मीन चंडीगढ़ के नजदीक बेचीं थी और जिसके ६०,००० रुपये डेरे की एक अलमारी में रखे थे, उन्हें लूट लिया और फिर राइफलों के बट से डेरे के सिखों को मारते रहे! इसके बाद इन सभी सिखों को जिनकी कुल संख्या १९ थी, इन्हें भारतीय सैनिकों ने पकड़ा, उनकी पगड़ियाँ खोल कर उनके हाथ पीठ के पीछे करके बाँध दिए और गली में ले आये, गोली मारने ही लगे थे कि एक बुजुर्ग सिख जथेदार किरपाल सिंह जी ने कहाकि, “आप हमें गोली तो मार ही दोगे परन्तु इस से पहले हमें हमारी आखिरी अरदास (प्रार्थना) कर लेने दीजिये,  “सेना के अफसरों ने इसकी इजाजत दे दी और जैसे ही इन सिखों ने अपनी अरदास पूरी की और जैकारा लगाया— ”नानक नाम चढ़दी कला — तेरे भाणे सरबत का भला “— इस के उपरांत तुरंत ही गोलियों की बौछार ने उनका अंत कर दिया !

 

तीन दिनों के बाद डी एस पी सिटी सरदार अपार सिंह बाजवा ने इन लाशों को उठवा कर इनका अंतिम संस्कार करवाया था! 

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 Ajmer Singh Randhawa

2 Responses to “पंजाब में अमृतधारी सिखों की बेपनाह नृशंस हत्याएं (1984)”

  1. gurmeet singh Meet Says:

    me ik gal kehni chahunda ha ki uncle ji aaj akal takhat ki hoya e o vekho
    te socho ki asi ki parchar karie sikha da jehde nikia nikia gala te aaps
    vich hi talvara kad dende ni plzzzzzzzzzz je tusi kise uche post te ho ta
    plzzzzzzzzzz is de utte kujh action leon bare age kal karooooooo te duji
    gal jehdi tusi jande ho ki ni pta ni me khud sisganj sahb ch sewadar di
    duty vi karda ha te me khud vekhea e uthe ki hunda e me b com 3rd year da
    student ha te me kehea ki menu koi educational job de do par ni ooooo
    mande hi ni balki idda di job de diti ke me aape hi job chad ke bhaj jawa
    okkkkk uncle ji me eh kehna chahunda ha ki sade jehde bande kursia te be
    jande ne una nu pehla sudhar do puri dunia ch jithe sikhi di wah wahi ho
    rahi h uthe idda dia galla nal sikh dharam da na kharab hunda h
    plzzzzzzzzzzzzzzzzzz take some action

  2. cazare Cheile Dambovicioarei Says:

    I knolw this site proovides quallity based articles annd additionaal information, is there any
    other webb page wyich presents these kinds of dsta in quality?

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